जगदलपुर:-प्रदेश भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के सह संयोजक मनीष पारख ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को एक पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने की व्यवस्था लागू करने की मांग की थी। मनीष पारख के पत्र पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कार्यवाही करते हुए शालाओं में समाचार पत्रों के वाचन कार्य को क्रियान्वित करने हेतु वित्त मंत्रालय से पृथक से बजट का प्रावधान किये जाने की अनुशंसा की है।
कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव के अनुशंसा करने पर मनीष पारख ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज के डिजिटल तकनीक के दौर में हमारे बच्चे और युवाओं की ऊंगलियां किताबों के पन्नें कम पलटने की बजाय मोबाईल फोन और लैपटॉप पर ज्यादा चलने लगी हैं और यह वास्तव में चिंता का विषय भी है। इसलिए प्रदेश में न केवल सरकारी बल्कि निजी स्कूलों में भी कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए प्रतिदिन उनकी नियमित कक्षाओं की शुरूआत से पहले सुबह की प्रार्थना सभा के उपरांत 15 से 20 मिनट की समाचार पत्र पढ़ने की एक पृथक कक्षा की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। और स्कूल चाहे हिन्दी माध्यम हो या फिर अंग्रेजी माध्यम, समाचार पत्र पढ़ने की कक्षा में कम से कम देश के 4 से 5 बड़े राष्ट्रीय व स्थानीय अखबारों की नियमित व साप्ताहिक हिन्दी व अंग्रेजी भाषा की प्रतियां विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को दोनों भाषाओं में समझ विकसित करने का अवसर मिले।
भाजपा नेता मनीष पारख ने आगे कहा कि इस पहल से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से उन्हें तैयार करने के अलावा उनमें पढ़ने की संस्कृति फिर से छात्र-छात्राओं की आदत में शुमार हो जाएगा और मोबाईल या लैपटॉप की स्क्रीन पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने की उनकी प्रवृत्ति भी धीरे-धीरे कम हो जाएगी। इसका उद्देश्य मात्र अखबार पढने की रूचि और आदत विकसित करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को देश-दुनिया की घटनाओं, सामाजिक गतिविधियों और समसामयिक विषयों की जानकारियों से उन्हें अवगत कराना है।
भाजपा नेता पारख ने आगे कहा कि इस डिजिटल युग के दौर में इंटरनेट की व्यापक उपलब्धता से जहॉ हमारे बच्चों की रूचि इंटरनेट में बढ़ रही है परंतु इससे समाचार पत्रों का अस्तित्व भी खतरे में है। इंटरनेट की चकाचौंध में लोग, हॉकर के माध्यम से सुबह आसानी से घर पर उपलब्ध होने वाले प्रिन्ट समाचार पत्र मंगवाने की जगह मोबाईल पर ही ई-समाचार पत्र पढ़ने लगे हैं। जिससे प्रिन्ट मीडिया से जुड़े हजारों-लाखों लोग जिनका रोजगार इससे जुड़ा हुआ है उनका भविष्य भी खतरे में है। यदि हमारी युवा पीढ़ि में समाचार पत्र पढ़ने की जागरूकता बढ़ेगी तो इससे समाचार पत्रों के अस्तित्व पर मंडराते हुए खतरे को इस डिजिटल युग में समाप्त किया जा सकता है।
भाजपा नेता मनीष पारख का विचार है कि, समाचार पत्र पढ़ना एक सकारात्मक रूचि है जिसे छात्र-छात्राओं में कम उम्र में ही विकसति किया जाना चाहिए। यह शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का एक रोचक माध्यम है। पत्र पर कार्यवाही करने के लिए उन्होंने प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया हैं।
